इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास कैशलेस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही पारदर्शिता की दृष्टि से भी यह अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस पास को आसानी से संधारित किया जा सकता है। सभी ठेकेदार इटीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ें। यह जानकारी शुक्रवार की शाम को मेला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित ठेकेदारों की कार्यशाला में दी गई। कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने कार्यशाला में ठेकेदारों को इटीपी के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। इसके साथ ही आगाह भी किया कि खनिज चोरी एवं अवैध परिवहन के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिये शासन-प्रशासन सतर्कता से कार्य कर रहा है। जिला खनिज अधिकारी श्री एमएस खतेड़िया भी कार्यशाला में उपस्थित थे। कार्यशाला में बताया गया कि इटीपी के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हो चुकी है, जिसमें इसकी जानकारी दी गई थी। विगत दिनों इसके विशेषज्ञ उज्जैन भी आये थे। ठेकेदार घर बैठे इटीपी इश्यू कर सकता है। उज्जैन जिले में लगभग सभी ठेकेदारों का इटीपी में पंजीयन हो चुका है। करीब 30 ठेकेदार इटीपी द्वारा अपना खनिज परिवहन शुरू कर चुके हैं। आईडी तथा पासवर्ड भी सबको मिला है। सभी खनिज ठेकेदार इटीपी जनरेट करने के लिये आगे आयें। कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने इस अवसर पर कहा कि डम्पर क्रय करने के लिये इच्छुक व्यक्ति मुख्यमंत्री युवा उद्यमी या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना या स्टेण्डअप इण्डिया योजना का लाभ लेकर ऋण की व्यवस्था कर सकते हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि ठेकेदार अपनी रायल्टी की राशि दो दिवसों में जमा कर दें। उन्होंने निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्रियों को भी इस सन्दर्भ में निर्देशित किया। कार्यशाला में कलेक्टर ने अवैध परिवहन के विरूद्ध स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। नीलामी प्रक्रिया भी पारदर्शी की गई है। अगर कोई शासकीयकर्मी भी गड़बड़ी में सहयोग करेगा तो उसकी नौकरी भी खतरे में आ जायेगी। उल्लेखनीय है कि विगत 2 जनवरी से खनिज परिवहन के लिये इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास व्यवस्था लागू कर दी गई है। कार्यशाला में ठेकेदारों को ई-ऑक्शन में शामिल होने के लिये भी प्रेरित किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास, कैशलेस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम खनिज विभाग के ठेकेदारों की कार्यशाला आयोजित हुई