रायसेन नेशनल डीवार्मिंग डे (कृमिनाशन दिवस) का आयोजन 10 फरवरी को तथा मॉप अप दिवस 15 फरवरी को किया जाएगा। नेशनल डीवार्मिंग डे के आयोजन की सफलता के लिए कलेक्टर श्रीमती भावना वालिम्बे की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। नेशनल डीवार्मिंग डे के अंतर्गत एक वर्ष से पांच वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में बाल सुरक्षा माह से छूटे हुए, तथा पांच से 19 वर्ष के शासकीय तथा शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं के बालक-बालिकाओं के लिए क्रमिनाशक दवा दी जाएगी। बैठक में कलेक्टर श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि सभी बच्चों को क्रमिनाशक दवा पिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल क्रियान्वयन के लिए जरूरी है कि इस अभियान से संबंधित शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग आदि सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अभियान की संपूर्ण जानकारी प्रदान कर कार्यक्रम के पूर्व की संपूर्ण तैयारी कर ली जाए। साथ ही अभियान के दिन सतत् मॉनीटरिंग भी की जाए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शशि ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसपी त्रिपाठी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। नेशनल डीवार्मिंग डे की खास बातें 10 फरवरी को आयोजित इस विशिष्ट कृमिनाशक दिवस पर बाल सुरक्षा माह के अंतर्गत एक से पांच वर्ष तक के छूटे हुए बच्चों को अनिवार्य रूप से एल्बेण्डाजोल सस्पेंशन की निर्धारित खुराक पिलाई जाएगी। यह खुराक एक से दो वर्ष तक के बच्चों को पांच एमएल तथा दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को 10 एमएल पिलाई जाएगी। नेशनल डिवार्मिंग डे 10 फरवरी को सभी शासकीय एवं शासकीय अनुदान प्राप्त स्कूलों के माध्यम से पांच वर्ष से 19 वर्ष तक के बालक एवं बालिकाओं को शिक्षक की उपस्थित में कृमिनाशक के लिए एल्बेंडाजोल की एक गोली का सेवन कराया जाएगा। साथ ही पांच से 19 वर्ष तक के सभी शाला त्यागी, शाला अप्रवेशी तथा शाला में अनुपस्थित बालक एवं बालिकाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में एल्बेण्डाजोल की एक गोली का सेवन कराया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग की भूमिका शासकीय शालाओं में शाला प्रधान एवं शिक्षक को नेशनल डीवार्मिंग डे के आयोजन के पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। शासकीय शालाओं में शाला प्रधान तथा शिक्षक द्वारा नेशनल डीवार्मिंग डे के आयोजन के पूर्व काउन्टर की स्थापना, बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। जो बच्चे बीमार हैं या कोई दवा ले रहे हैं उन्हें एल्बेण्डाजोल गोली का सेवन नहीं कराया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चे गोली को चबाकर ही खाएं। किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव की स्थिति में बच्चे को खुले एवं छायादार स्थान पर लिटाया जाए तथा साफ स्वच्छ पेयजल एवं ओआरएस घोल पिलाया जाए। गंभीर प्रतिकूल लक्षण होने पर ग्राम की आशा, एएनएम या सेक्टर चिकित्सा ऑफीसर या बीएमओ को सूचित किया जाए। महिला बाल विकास की भूमिका नेशनल डीवार्मिंग डे पर बाल सुरक्षा माह के दौरान एक वर्ष से पांच वर्ष तक के सभी छूटे हुए बच्चों को एल्बेंडाजोल सस्पेंशन की खुराक आंगनबाड़ी केन्द्रों में पिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त पांच वर्ष से 19 वर्ष तक के शाला त्यागी, शाला अप्रवेशी बच्चों की जानकारी ग्राम की आशा कार्यकर्ता को दी जाएगी जिससे कि उन्हें एल्बेंडाजोल की एक गोली का सेवन कराया जाएगा।