उमरिया | 27-जनवरी-2017 संस्कृति हमारी विरासत है। लोक, कला हमेशा जन मानस के लिए लोक रंजन का विषय रहा किन्तु भौतिकतावादी युग मे आज लोक कला गायन तथा नृत्य जन मानस से दूर होता जा रहा है। इसके संरक्षण की दिशा मे प्रदेश शासन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक तंत्र का लोक उत्सव भारत पर्व का आयोजन कर सांस्कृतिक धरोहर को अक्षुण्य बनाएं रखने की पहल की है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिले के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोहा है। वैष्णवी पब्लिक स्कूल नौरोजाबाद की छात्रा कु. वैष्णवी एवं वैशाली ने राधा और कृष्ण के रासलीला में ’’ राधा कैसे न जले’’उनके प्रेम की अदभुत प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर तालियां बटोरी। अभयराज सिंह ने देशभक्ति गीत तथा राजकरण सिंह एवं उनके 20 सदस्यीय दलों ने आदिवासी, कला, संस्कृति एवं परंपरा गत उत्सवो जैसे रौला लहंगी, फसल काटने के बाद दशहरा पर्व पर दशहरी लोक गीत एवं नृत्य की बेहतर प्रस्तुति दी। मादक की थाप, ढोल एवं नगाडे़,पैर में घुंघरू, हाथ में शैला, सर में मोर मुकुट बांधे हुए सभी वाद्य यंत्रों की एक सुर धुन में थिरकते कलाकार दर्शकों को एकाग्रचित करने में सफल रहे। विभिन्न वेश भूषा में आदिवासी कला एवं नृत्य का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर राज करण सिंह एवं उनके दलों को दर्शको ने खूब सराहा। भारत पर्व के अवसर पर वैष्णवी विद्यालय नौरोजाबाद की नन्ही छात्राओ ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया वही जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्राओ ने बघेली लोक गीत प्रस्तुत किया। नन्हां कलाकार व्योम श्रीवास्तव ने हारमोनियम के साथ गजल मेरे गीत अमर कर दो को प्रस्तुत किया। सोनू रजक ने पंजाबी गीत और नृत्य से दर्शकों को तरोताजा किया। 10 वर्षीय नेत्रहीन राजा बैगा सरसवाही ने देवी गीत प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। भारत पर्व के अवसर पर सिंगर एवं एक्टर रहे सीईओ जिला पंचायत श्री एच एस मीणा ’’ ईश्वर अल्ला तेरो नाम- सबको सम्मति दें भगवान’’ भजन ऐसे लय एवं स्वर से प्रस्तुत कर कलाकार होने का परिचय दिया। सुशील मिश्रा एपीसी ने माउथ आरगन बजाकर श्रोताओ को मंत्रमुग्ध करते हुए खूब तालिया बटोरी इस दौरान ज्वाला गु्रप ने छुआछूत पर अधारित नाट्य प्रहसन कर एकता की मिशाल प्रस्तुति दी। लोक तंत्र के लोक उत्सव भारत पर्व पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री ज्ञानवती सिंह ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कला एवं संस्कृति को जीवंत बनाए रखने की प्रदेश शासन की अनुकरणीय पहल है। विलुप्त होती लोक कलाओ एवं संस्कृति में स्थानीय कलाकारों को अवसर देकर आयोजको ने सराहनीय कार्य किया है। हमारा देश लोक कलाओं के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है। ये कलाकार भविष्य में सितारों की तरह चमके जिससे जिला प्रदेश एवं देश गौरान्वित हो सके की शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम के अंत में समस्त कला प्रमुखों को मुख्य अतिथि सुश्री ज्ञानवती सिंह द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का पुष्प गुच्छ एवं पुष्पहार से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अवधेश प्रताप सिंह ने कीं। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कंचन खट्टर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा दिवाकर सिंह, शंभू खट्टर, एसडीएम बांधवगढ़ श्री ऋषि पवार, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती साधना सिंह, सहायक संचालक श्री सी एल पटेल, जिला आबकारी अधिकारी एस के उरांव, नगर पालिका अधिकारी अनिल दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी रणमत सिंह, डीपीसी महेंद्र यादव, उप संचालक पशु चिकित्सा डा. आर पी एस गहरवार, आनंद श्रीवास्वत, एपीसी सुशील मिश्रा, नगर के संगीत प्रेमी, छात्र छात्राएं एवं बडी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। एक दशक विश्वास का - प्रदेश के विकास की छाया प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रही लोक तंत्र के लोक उत्सव भारत पर्व के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा विकास को प्रदर्शित आकर्षण छाया प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी मे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओ एवं कार्यक्रमो को छाया चित्र के माध्यम से उकेरा गया वहीं महत्वपूर्ण उपलब्धियो को भी प्रदर्शित किया गया। दर्शको ने एक छत के नीचे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ एवं प्रदेश तथा जिले मे हुए उपलब्धियो को एक साथ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यो का सचित्र अवलोकन किया। विकास प्रदर्शनी में सीएम हेल्पलाइन, गांव का होगा विकास, एक दशक विश्वास का - प्रदेश के विकास का, खेती बन रही लाभ का धंधा, अन्नपूर्णा योजना, मेधावी छात्रा, उज्जवला योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, औद्योगिक क्रांति, प्रधान मंत्री बीमा योजना, युवा सपनो का उड़ान सहित मध्यप्रदेश सरकार के विभिन्न जन कल्याणकारी कार्यो में का्रंति कारी कदम आदि मध्यप्रदेश की गाथा का सचित्र वर्णन छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उकेरा गया। दर्शकों ने इस विकास गाथा को देखकर यह महसूस किया कि हमारा प्रदेश देश के अन्य राज्यों की तुलना में कहीं बेहतर हो चला है ।