दिल्ली की लड़की पर तालिबानी आतंक, जान से मारने के फतवों की बाढ़– फेसबुक और ट्विटर पर एक हिन्दू युवती के विरुद्ध तालिबानी फतवों की बाढ़ सी लगी हुयी है।आशुे की गलती बस ये थी कि उसने धुलागढ़, बंगाल के दंगों से आहत होकर इस्लाम के विरुद्ध फेसबुक पर एक कविता पोस्ट कर दी, जिसके बाद देश के कोने कोने से मुसलमानों ने उसे जान से मारने और उसे देखते ही 1000 टुकड़े करने के ढेरों फतवे सोशल मीडिया के माध्यम से जारी कर दिए। पेशे से योग अभ्यस्त इस हिन्दू युवती के विरुद्ध महाराष्ट्र के कई पुलिस थानों में भी शिकायत दर्ज की गई। इस्लामिक गतिविधियों के खिलाफ ढेरों मामले में मौन व्रत रखने वाली पुलिस शिकायत मिलते ही इस लड़की का बयान लेने नागपुर से दिल्ली पहुंची। इस दौरान इलाके के लोकल थाने में इस हिन्दू युवती को बेहद धमकाया गया, धमकाने में नागपुर पुलिस के साथ आईं महिला कांस्टेबलों ने भी मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित किया। हिन्दू विरोधी कार्यों में धर्म निरपेक्ष और मुस्लिम विरोधी शिकायतों में साम्प्रदायिक रवैय्या अपनाने वाली भारतीय पुलिस की कार्रवाही पर प्रश्न चिन्ह लगना लाजमी है। बता दें कि 4 दिन के अंदर आज इस लड़की को देश सहित विदेशों से भी इतनी धमकियां मिल चुकी हैं कि अब यह विवाद एक पारिवारिक धमकी में बदल चुका है। मामले में हिन्दू युवती आशु की मानसिक स्थिति को गहरा आघात पहुंचा है। बेशक उसने एक वीडियो के माध्यम से मुसलमानों से माफ़ी भी मांग ली है मगर मुसलमान एक के बाद एक फतवे सोशल मीडिया के माध्यम से फैला रहे हैं। वहीं पुलिस हिन्दू युवती को सुरक्षा देने की बजाय प्रताड़ित कर रही है। इस मामले में देश के कई मुस्लिम संगठनो ने युवती के खिलाफ केस दर्ज किये है जिसमे ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम भी शामिल है।