राजगढ़   राजस्व अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति गंभीर रहें। अपने अधिकारों को समझें और पूरा उपयोग करें। पद की गरिमा बनाएं और शासन की मंशा तथा अपेक्षाओं पर खरा उतरें। यह निर्देश आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिथोडे द्वारा दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री राजेश जैन सहित जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद रहे। बैठक में वसूली की समीक्षा के दौरान उन्होंने पचोर एवं ब्यावरा तहसील में वसूली के कम प्रतिशत के मद्देनजर नाराजगी व्यक्त की और दोनो तहसीलदारों को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पचोर तहसील के राजस्व निरीक्षक द्वारा अप-डाऊन करने एवं आवश्यक जानकारियां उपलब्ध नहीं कराने पर भी असंतोष व्यक्त किया तथा उक्त राजस्व निरीक्षक के विरूद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव जिला कार्यालय में भेजने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगपुर को निर्देशित किया। उन्होंने ग्राम गोपालपुरा के राजस्व अभिलेख खसरा रिकार्ड इत्यादि में वर्ष 2005-06 से 2010-11 के दौरान शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 111/1/1 रकबा 4.691 हे. एवं सर्वे 173/17/5 रकबा 4.047 हे. एवं सर्वे 173/17/4 रकबा 4.047 हे. शासकीय भूमि मिसल में दर्ज थी, को श्री राजेन्द धुर्वे तत्कालीन पटवारी तहसील राजगढ वर्तमान तहसील नरसिंहगढ एवं श्री गिरधारीलाल जाटव तत्कालीन तहसील राजगढ वर्ष 2014 में सेवा निवृत हो चुके है, के द्वारा राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर कृषक भागीरथ पिता गंगाराम जाति सौंधिया एवं बापूलाल पिता किशनलाल जाति सौंधिया के नाम राजस्व अभिलेख में निजी स्वामित्व की भूमि दर्ज करने के कारण उनके विरूद्ध पुलिस प्रकरण दर्ज करने के लिए कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रकरण दर्ज कराते समय थाना प्रभारी राजगढ को 181 पृष्ठों का जांच प्रतिवेदन भी दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने भू-अर्जन के जांच प्रकरण में गलत जानकारी देने के कारण तहसीलदार खिलचीपुर श्री पी.टी. बागडे को फटकार भी लगाई तथा उनके विरूद्ध भी कार्रवाई प्रस्तावित करने डिप्टी कलेक्टर को निर्देशित किया। इस अवसर पर उन्होंने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जनसुनवाई, टी.एल., प्रभारी मंत्री के लंबित पत्रों, भू-भाटक, डायवर्सन एवं भू-भाटक पर परब्याजी शसकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने तथा आधार पंजीयन की समीक्षा की। उन्होंने सीमांकन के प्रकरणों में पटवारियों द्वारा जरीब का उपयोग नहीं करने तथा इसके लिए टोटल स्टेशन मशीन का उपयोग करने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस हेतु पटवारियों एवं संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिलाया जाए। उन्होंने नायब तहसीलदारों को फसल कटाई प्रयोग के समय निरीक्षण कराने, कोटवारों के रिक्त पदों की भर्ती कराने, वर्दी प्रदाय करने तथा वे साफ-सुथरी वर्दी पहने एवं प्रशिक्षित कराने के निर्देश भी दिए।