सतीश यादव नई दिल्ली आर्कियो लाजी भी कमाल का विषय है जमीन की गहराहियो में ना जाने कितने राज दफ़न रहते है ऐसा ही राज १९५० में दो भाइयो के सामने खुला जब उन्हें खुदाई के दौरान शव मिला था डेनमार्क में रहने वाले दो ऑर्कोलॉजिस्ट भाई आम आदमी की तरह काम में बीजी थे अचानक उनकी नजर एक अजीबो गरीब पत्थर पर पड़ी इस तरह के पथ्थर का उपयोग पुराने जमाने में कोयले के रूप में किया जाता था जब उन्होंने इस पथ्थर तोडा तो उसके अंदर से उन्हें एक शव मिला इसे देख कर दोनों डरगए शव बिलकुल सड़ी नहीं थी उन्हें लगा शायद हाल ही में किसी ने मर्डर किया है उन्होंने तुरंत पुलिस को सुचना दी लेकिन उसके बाद जो हकीकत आयी उसने सबको हैरान कर दिया किया था राज > >.> जब इस शव को दो भाइयो नई निकाला पीट नाम के इस पत्थर का उपयोग डेयरी प्रोडक्ट को परिसव क्ररने के लिए किया जाता था शव देखने के बाद दोनों भाइयो को लगा की इसका हाल ही किसी ने मर्डर किया है बाड़ी के कपडे तक सही सलामत थे लेकिन शव कर थोड़ा अजीब था जिसकी वजह से बाड़ी की आचि तरह से जाच कारवाही गयी शव को इतनी अच्छी तरह से परिसव किया गया था की मानो अभी अभी दफ़न किया गया हो शव के नाख़ून तक सही सलामत थे जांच में पता चला की बाड़ी दो हजार साल पुराणी थी इस शक्स का नाम तोलुड था अऊर परइ रोमन दूर में उसे दफनाया गया था दो हजार साल बाद उसकी दाड़ी भी सही सलामत थी जांच में ये बाते सामने आयी की जिस पेट बाड़ी में इसे रखा गया था उसमे मोजूद एसिड की वजह से शव की हडीया गल गयी थी मगर उसके अंदर के दिल लिवर किडनी शुरक्षित थे इस से पहले १८९७ में भी नीदरलैंड में ऐसे ही एक लड़की का शव मिला था उसके बालो से ले कर पूरा शव सुरक्षित था