|दतिया 11-फरवरी-2017 जिला न्यायालय परिसर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन सम्पन्न हुआ। लोक अदालत का शुभारंभ प्रभारी जिला एवं सत्र एवं विशेष न्यायाधीश श्री डीके श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर एवं सरस्वती एवं महात्मा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया। लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश श्री एके श्रीवास्तव, एडीजे प्रथम श्री हितेन्द्र द्विवेदी, सीजेएम श्री एपीएस चौहान, जिला रजिस्ट्रार श्री राकेश बंसल, सिविल जज श्रीमती रेखा मरकार, श्री राजीव गौतम, श्रीमती मीनक्षी शर्मा, श्री जीतेन्द्र कुमार शर्मा, प्रीति गुप्ता, श्री वेद प्रकाश सागर, प्रभारी कलेक्टर एवं एडीएम श्री आशीष कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री इरशाद वली, एसडीओपी दतिया श्री आसी भोज, वार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट श्री महिपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र समाधिया, शासकीय अभिभाषक श्री सीताराम गुप्ता, एडवोकेट श्री इतरत अली जैदी, नगर पालिका सीएमओ श्री एके दुबे, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री दीपक शर्मा सहित अन्य अभिभाषकगण उपस्थित रहे। लोक अदालत में 323 प्रकरणों का निराकरण कर 81 लाख 24 हजार के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत के माध्यम से 523 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया। लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर विशेष न्यायाधीश श्री डीके श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकृत कराने पर आपसी प्रेम व सौहार्द का वातावरण रहता है। इसमें निराकृत मुकदमें में हारजीत नहीं होती है इससे पक्षकारों में आपसी प्रेम और भाईचारा बड़ता है। उन्होंने सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश श्री एके श्रीवास्तव ने कहा कि लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरण आए इसके लिए अभिभाषकगणों का सहयोग जरूरी है अभिभाषकगण पक्षकारों को प्रेरित करें। सीजेएम श्री चौहान ने कहा कि महत्वपूर्ण बात है यह है कि लोक अदालत को सफल बनाने में सभी अपना-अपना दायित्व निभायें। इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर एवं एडीएम श्री आशीष कुमार गुप्ता ने लोक अदालत के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत का मंच आपसी सहमति वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे प्रकरण का स्थाई निदान होता है व आपसी भाईचारा बना रहता है। जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष एडवोकेट श्री महिपाल सिंह ने कहा कि लोक अदालत के प्रकरणों में हारजीत न होने से स्थाई समाधान होता है जो कि सभी पक्षकारों को मान्य होता है। एडवोकेट श्री टीएन चतुर्वेदी ने कहा कि लोक अदालत की सफलता ”तनक-तनक गम खाऔ” की मूल अवधारणा पर टिकी है। श्री श्रीराम शर्मा एडवोकेट ने कहा कि हारजीत न होने से पक्षकारों में मन मुटाव खत्म हो जाता है। जिला अभिभाषक संघ के सचिव श्री मनोज चौहान ने कहा कि लोक अदालत से श्रम समय व पैसे की बचत होती है। एसडीओपी श्री आरसी भोज ने कहा कि पुलिस समन तामील कर अपनी भूमिका निभाती है। कार्यक्रम का संचालन जिला रजिस्ट्रार श्री राकेश बंसल ने किया। लोक अदालत ने श्याम मोहन व रागनी को मिलाया नेशनल लोक अदालत के दौरान कुटुम्ब न्यायालय दयिता में लंबित एक प्रकरण में कुटुम न्यायालय के न्यायाधीश श्री एके श्रीवास्तव, पीठ के सदस्य एडवोकेट श्री टीएन चतुर्वेदी व एडवोकेट श्री श्रीराम शर्मा ने भाण्ड़ेर निवासी श्री श्याम मोहन व श्रीमती रागनी के मध्य सुलक समझौता कराया व एक दूसरे को माला पहनाकर खुशी-खुशी उनके घर बिदा किया। दरअसल एक छह की बच्ची के माता पिता श्याम मोहन व रागिनी की काफी समय से अनबन चल रही थी। उनके द्वारा परिवार न्यायालय में वाद दायर किया था। पीठ की सूझबूझ से पति पत्नि के साथ दो परिवारों का आपसी मिलन हुआ जो कि अदालत की महत्वपूर्ण सफलता मानी गई। इसमें एक पक्ष के अभिभाषक एडवोकेट श्री राघवेन्द्र समाधिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। चार भाईयों का हुआ मिलन नेशनल लोक अदालत में पीठ क्रमांक दो में प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री डीके श्रीवास्तव, एडवोकेट श्री सुनील श्रीवास्तव व श्री बादाम सिंह कुशवाहा की पीठ द्वारा एक प्रकरण में सुलह कराते हुए चार भाईयों की सुलह कराकर कृषि भूमि का विवाद हल कराकर आपस में मिलाया। दरअसल सैदारा निवासी श्री प्रेम नारायण वैश्य ने अपने दो पुत्रों के नाम जमीन क्रय की थी। इसके उपरांत दो पुत्र और पैदा हुए। जमीन दो पुत्रों के नाम होने पर चारो भाईयों में विवाद पैदा हुआ लोक अदालत में जब यह प्रकरण आया तो चारो भाईयों ने आपसी सुलह के आधार पर पूरी जमीन को पैतृक मानते हुए बटवारा किया और प्रकरण हमेशा के लिए समाप्त हुआ। चारों भाई आपस में गले मिलते हुए खुशी-खुशी घर गए। भाई बहिन में हुआ समझौता नेशनल लोक भाण्ड़ेर निवासी कृष्ण गुप्ता अपनी पिता की जमीन में से उनके हिस्से की एक बटे छ: भाग जमीन चाह रही थी। जिसका वाद वर्षो से लंबित था। लोक अदालत द्वारा दोनो पक्षों को समझाकर श्रीमती कृष्णा गुप्ता को उनके जमीन के हिस्से के दो लाख रूपये दिलवाकर सुलह कराई। इसी प्रकार मोटर दुर्घटना के एक प्रकरण में ललऊआ निवासी श्री शैलेन्द्र सिंह को चोट आने पर बीमा कंपनी से सात लाख 24 हजार 390 रूपये दिलाकर समझौता कराया। लोक अदालत में विद्युत समस्याओं का समाधन नेशनल लोक अदालत में पीठ क्रमांक चार में एडीजे श्री हितेन्द्र कुमार द्धिवेदी तथा उनकी पीठ के सदस्य एडवोकेट श्री महिपाल सिंह व एडवोकेट श्री सलीम खांन ने ने 450 प्रकरणों में सुनवाई करते हुए पक्षकारों को समझाईष देकर अनेक जटिल प्रकरणों का विद्युत मंडल के अधिकारियों से समझौता कराकर निराकरण कराया।
प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ, लोक अदालत में 323 प्रकरणों का निराकरण - 81 लाख 24 हजार के अवार्ड पारित