सागर | 11-फरवरी-2017 जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री व्ही.के. दुबे के निर्देशन में शनिवार 11 फरवरी 2017 को नेशनल लोक का आयोजन जिला मुख्यालय एवं सभी तहसील न्यायालयों में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए श्री व्ही.के.दुबे जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालते प्रकरणों के निराकरण का सबसे सुलभ व सस्ता माध्यम है। लोक अदालतों के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण शीघ्र होने से आम जन में कानून के प्रति आस्था बढ़ रही है और समाज में सौहार्द पूर्ण माहौल निर्मित हो रहा है। कलेक्टर श्री विकास नरवाल ने लोक अदालत एवं मध्यस्था विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुलह व समझौते के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण होने को एक अच्छी प्रक्रिया बताया। लोक अदालत के समन्वयक श्री बी.पी. शर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि प्रकरणों का जल्दी निराकरण होने से मुकदमों की संख्या कम नहीं होती बल्कि पक्षकार अपने अधिकारों को लागू करवाने के लिए अन्य माध्यमों से बचकर न्यायालयीन प्रक्रिया को अपनाते है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डॉ. अंकलेश्वर दुबे ने कहा कि अधिवक्ताओं के द्वारा नेशनल लोक अदालत में भरपूर सहयोग दिया गया है और भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग अधिवक्तागण देते रहेंगे। इस नेशनल लोक अदालत हेतु संपूर्ण जिले में 45 खण्डपीठों का गठन किया गया था जिसमें न्यायालय में लंबित प्रकरणों में से 797 प्रकरण एवं प्री-लिटिगेशन के 1533 प्रकरण निराकृत किए गये। लोक अदालत के प्रभारी श्री बी.पी.शर्मा के द्वारा बताया गया कि मोटर दुर्घटना के 149 चैक बाउंस के 67 आपराधिक प्रकृति के 233 विद्युत चोरी 296 एवं पारिवारिक 48 दीवानी एवं अन्य प्रकृति के 104 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। जिसमें 24459718 रूपये पक्षकारों को क्षतिपूर्ति दिलाई गई है। विभिन्न बैंकों के 163 दूरसंचार के 9 एवं विद्युत विभाग के 438 नगर निगम के 909 एवं अन्य 19 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण भी इस अवसर पर हुआ। जिसमें 14098696 का राजस्व प्राप्त हुआ है।
लोक अदालते प्रकरणों के निराकरण का सबसे सुलभ व सस्ता माध्यम 45 खण्डपीठों द्वारा निराकृत किए 2330 प्रकरण, क्षतिपूर्ति राशि 24459718 पीड़ित पक्षकारों को दी गई