उमरिया ! खाद्य सचिव विवेक पोरवाल के विभागीय निर्देश पर दीवाली त्यौहार को मिठास में घोलने जिस शक्कर को गरीबों को त्यौहार के पूर्व ही वितरण कर देना था वह दीवाली के कई दिनों बाद मंगलवार से खाद्य विभाग गरीबों को वितरण कर रहा है। दरअसल जिले के करीब 35 हजार अंत्योदय कार्डधारी परिवार को दीवाली से पूर्व एक किलो 380 ग्राम शक्कर वितरण की जानी थी परन्तु किन्ही कारणों से गरीबो को यह वितरण विभाग ने नही किया जिससे दीवाली पर्व गरीबो को बिना मिठास के ही मनाना पड़ा है।विदित हो कि दीवाली से पूर्व जिले में अलग अलग गोदामो में करीब 485 क्विंटल शक्कर का भंडारण रहा है।प्रमुख सचिव खाद्य ने इस सम्बंध में विभाग को निर्देशित किया था कि त्यौहारों से पूर्व गरीब हितग्रहियों को भंडारित शक्कर का वितरण करे परन्तु विभाग ने समय रहते इसका वितरण करने में गम्भीरता नही दिखाई जिस वजह से गरीब हितग्राहियों को त्यौहार में भी शक्कर नही मिल सकी।जानकारों की माने तो खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त करने विभाग ने कई निर्णय लिए है जिसमे मुख्य रूप से एडवांस अलॉटमेंट है जिसमे 1 माह पूर्व ही खाद्यान्न का अलॉटमेंट कर दिया जायेगा जिससे गरीब हितग्रहियों को राहत मिलेगी अभी तक चालू माह के अंतिम तक अलॉटमेंट होता रहा है जिससे देर में खाद्यान्न का वितरण होता रहा है इसी तरह जिले में शासकीय दुकानों को लेकर भी जरूरी कदम उठाए गए है जिसमे अब सेल्स मैन एक ही दुकान का संचालन कर सकेगा,पूर्व में एक ही सेल्स मैन कई दुकानों का संचालन करता रहा है जिससे क्षेत्र में सप्ताह के कुछ ही दिन शासकीय दुकान खुलते थे जिससे वितरण प्रक्रिया प्रभावित होती रही है।विभाग के इस निर्णय के साथ सभी दुकानों को लगातार सप्ताह के छह दिनों तक हर रोज़ खोलने की अनिवार्यता भी विभाग ने की है।देखना होगा कि विभाग का यह निर्णय कब तक जिले में प्रभावी रूप से लागू हो पाता है साथ ही इस निर्णय से बेपटरी हो चुकी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था का कितना लाभ गरीब हितग्रहियों को मिलता है।
दिवाली के कई दिनों बाद भी नहीं मिली दिवाली की मिठास