उमरिया - ग्राम कोहका-47 के निवासी भदन बैगा पिता मोलेलाल बैगा, जियालाल पिता मोलेलाल बैगा, नरेश पिता छोटू बैगा, चैतु पिता रंगडा बैगा ने बताया कि पिछले २ वर्ष पहले सचिव द्वारा खाद्यन पर्ची बनवाने के नाम से ग़रीबी रेखा का कार्ड रख लिया गया था। सालों बीतने के बाद भी न तो राशन की पर्ची मिली ना ही उनका कार्ड।
यह बताते है कि राशन देने लिए सरकार द्वारा सब का कूपन बनाया जा रहा था उसी समय हम ४ लोगों ने भी अपना कूपन बनवाने के लिए सचिव को ग़रीबी रेखा का राशन कार्ड दिया था कुछ महीनो बाद जब कूपन की कोई जानकारी नहीं हुई तब जा कर हम अपना राशन कार्ड वापस माँगने गए, लेकिन सचिव द्वारा कार्ड गुम हो जाने की बात कही जा रही है जिसके कारण हम सब परिवारों को २ साल से खाध्यान नहीं मिला है।
ग्राम कोहका -47 में बैगा परिवार के ऊपर ख़ूब मुसीबत आन पढ़ी है एक तरफ़ बारिश ना होने से सूखा पढ़ा हुआ खेत है तो दूसरी ओर सचिव की तानाशाही से सरकारी योजनाओं के लाभ के लाले।
भदन बैगा बताते है कि घर में 4 सदस्य है इसके पास ज़मीन नहीं है दूसरे के ज़मीन में खेती से 3 माह का अनाज मिलता है और राशन की दुकान से जितना मिलता है उसे मिला ले तो 6 से 7 माह का ही अनाज होता था बाक़ी दिन मज़दूरी कर अपने परिवार का कठनाईयों से पेट पालते थे ऐसे में पिछले 2 सालों से राशन नहीं मिलने से हमारे परिवार की हालत बहुत ख़राब हुई है। हमें बाहर काम करने जाना पड़ता है जिसके कारण हमारा परिवार बीमारी और कमज़ोरी की सुली चड़ रहा है।
जियालाल ने कहा कि हम पति पत्नी अपनी खेती बारी कर एक सुखी जीवन जी रहे थे जिसमें पिछले २ सालों से सचिव द्वारा राशन कार्ड ले लेने के कारण रोज़ अब हमारे घर में लड़ाई होती है।
नरेश ने बताया कि घर में ५ लोग ५ एकड़ ज़मीन पिता के नाम से जिसमें ३ भाई का हिस्सा। खेती बारी से ज़्यादा कुछ मिलता नहीं है हमारा परिवार राशन के दुकान और मज़दूरी पर निर्भर है पर राशन के दुकान से राशन की व्यवस्था न होने के कारण पलायन कर शहर जाना पड़ता है उससे भी घर की समस्याओं का समाधान नहीं हो पता और बीमारी घर में बढ़ते जा रही है।
चैतु का परिवार ४ लोगों का है वह परिवार मज़दूरी कर अपना जीवन यापन करता है राशन ना मिलने से घर में हमारी भुखमरी आने को भी हो जाती है।
कैसे जिए लल्ला, २ साल से नहीं मिल रहा ग़ल्ला,
ग़रीबों के ग़रीबी रेखा कार्ड सचिव के पास ?