नई दिल्ली - प्रदूषण के खतरे को बढ़ता देख सी पी सी बी ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत सभी सिविक एजेंसियों को होटल एवं ढाबों में खाना पकाने के लिए कोयला एवं लकड़ी के इस्तेमाल को रोकने को कहा है l सी पी सी बी के अनुसार ये रोक १५ मार्च २०१८ तक रहेगी l इस प्लान के तहत सभी होटल एवं ढाबा संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं l प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानना है कि होटल एवं ढाबों पर तंदूर का इस्तेमाल होता है जिसमे कोयला एवं लकड़ी का उपयोग किया जाता है जो प्रदूषण बढ़ाने में सबसे खतरनाक होता है l जबकि दिल्ली में पड़ने वाली कडकडाती ठंड से निपटने के लिए विभाग द्वारा अलाव जलाने की सामग्री खुद मुहैया कराइ जाती है l बता दें कि प्रदूषण से होने वाली मौतों का आंकड़ा दिल्ली एवं दिल्ली से सटे क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है l आलम यह है कि दिल्ली एवं नॉएडा और उसके आसपास लगी इंडस्ट्रीज से होने वाले प्रदूषण को धुंध के रूप में रहवासियों द्वारा समझा जा रहा है लेकिन वास्तविकता यह है कि दिल्ली की आवोहवा में प्रदूषण का जहर घुल चुका है l प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह ९ बजे की तस्वीर बहुत चौकाने वाली थी जिसमे घना कोहरा दिखाई दे रहा है जबकि वास्तव में वो ठंड का कोहरा न होकर जहर उगलते प्रदूषण की चादर है जिसने दिल्ली वासियों का साँस लेना दूभर कर दिया है l स्वच्छ भारत का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार से अहम सवाल है कि देश की राजधानी पर मंडरा रहे इस घने कोहरे के पीछे कौन जिम्मेदार है l
नई दिल्ली - पसरते प्रदूषण को रोकने में नाकाम सीपीसीबी ने होटल एवं ढाबों में कोयला - लकड़ी के प्रयोग पर लगाई रोक