रेहटी - नर्मदा नदी रेत माफियाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।. नर्मदा नदी के एक दर्जन से अधिक घाटों पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ओर नर्मदा नदी से अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है। अवैध तरीके से संचालित हो रहे घाटों पर प्रतिदिन 40 से 50 अधिक ट्रैक्टर अवैध खनन में लगे हुए हैं। यह रेत खनन न सिर्फ निर्माणाधीन कार्यों के लिए किया जा रहा है। बल्कि मानसून के नजदीक आने के चलते भी काफी मात्रा में रेत का संग्रहण भी किया जा रहा है इस नदी से निकाली गई रेत पहले की अपेक्षा1000 से 1500 रुपए बढ़ाकर तीन हजार से चार हजार रुपए प्रति ट्राली बेची जा रही है।रोज सवेरे सैकड़ों की संख्या में ट्रालियां रेत का अवैध परिवहन करते हुए देखी जा सकती है लेकिन खनिज विभाग आंख मूंदकर सब देख रहा है।
परिवहन कर खुलेआम संग्रहण
रेत माफियाओं द्वारा जमकर नर्मदा नदी से रेत निकालने का कार्य किया जा रहा है और खुलेआम परिवहन के साथ संग्रहण भी किया जा रहा है लेकिन जिस स्तर से क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली उत्खनन कार्य करने में लगे हैं। उस स्तर से खनिज विभाग द्वारा एक भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इतना जरूर है कि दौरे पर आए अधिकारी द्वारा एक या दो ट्रैक्टर ट्राली पकड़कर अपनी कार्रवाई पूरी कर ली जाती है।
कम लागत अधिक मुनाफा
रेत के व्यापार में माफियाओं को प्रति ट्राली डेढ़ हजार रुपए तक की बचत हो जाती है। रेत माफियाओं द्वारा यह रेत दूरी के हिसाब से बेची जाती है। नदी में यह रेत निकालने के एवज में मजदूरों को प्रति ट्राली के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं।
खनिज नाके से निकल रहे हैं ओवरलोड डंपर
सलकनपुर मैं खरीदना का इसलिए खोला गया था कि ओवरलोड रेत और अवैध परिवहन रोका जा सके लेकिन इसके उलट खनिज नाकों पर पैसे लेकर ओवरलोड रेत के डंपर निकाले जा रहे हैं तीन रोज पूर्व ही राजस्व और रहती पुलिस ने खनिज ना केसे निकलने के बाद एक डंपर को रोका तोतो उस डंफर में बीस घन मीटर रेत भरी हुई थी जबकि डंपर की रॉयल्टी 15 घनमीटर की थी जिससे आप समझ सकते हैं कि किस तरह का भ्रष्टाचार खनिज नाकों पर पनप रहा है सरकार को चूना लगा कर खनिज अधिकारी अपनी जेब है भर रहे हैं।
रेहटी - लगातार जारी है रेत का अवैध परिवहन