भोपाल - प्रदेश सरकार जल्दी ही आदिवासी बहुल इलाकों में ब्याज के धंधे पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है l प्रतिबन्ध के बाद अगर कोई ब्याज का धंधा करता हुआ पाया जाता है तो उस पर २००० से ५००० का जुरमाना और २ साल की कैद हो सकती है l अब साहूकारी के लिए पंजीयन का अधिकार पंचायतों को दिया जायेगा और ब्याज की दर का निर्धारण भी सरकार करेगी l सरकार ने साहूकारी अधिनियम में बदलाव का मसौदा राष्ट्रपति के पास भेजा है वहां से मंजूरी मिलते ही इसको सदन में पेश किया जायेगा l गौरतलब है की आदिवासी इलाकों में भोले भाले ग्रामीण लोगों का ब्याज के धंधे में शोषण हो रहा है सरकार के पास इसकी रिपोर्ट भी गाहे बगाहे पहुँचती रहती है l इसलिए सरकार ये कदम उठा रही है l अब देखना यह होगा की यह कदम वास्तविकता की जमीन पर क्या गुल खिलाता है l
भोपाल - आदिवासी बहुल इलाकों में ब्याज के धंधे पर रोक लगाने की तैयारी में सरकार