अनिल उपाध्याय खातेगांव मंदिर में जाएं तीर्थ क्षेत्र में जाएं तो सर्वप्रथम सच्चे मन ,सच्चे भाव से प्रभु के समक्ष प्रणाम करें l सिद्ध क्षेत्र में पहुंचकर भगवान को प्रणाम करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है, ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था ही हमें परमात्मा का दर्शन कराती है l श्रीमद् भागवत कथा ऐसा ग्रंथ है जिसमें भगवान ने मानव के मोक्ष के लिए सारी क्रियाएं दर्शाई है l उक्त विचार खातेगांव के डाक बंगला मैदान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पंडित राज राजेश्वर शास्त्री ने उपस्थित जनसमूह को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि जीवो पर दया करना ही नारायण की सेवा है l भगवान नारायण ने सच्चे मन से की गई भक्ति को स्वीकार किया है भक्त पहलाद भक्त ध्रुव जैसे भक्त बनो जिस दिन हमारे मन के अंदर ध्रुव ,प्रहलाद जैसी भक्ति जाग जाएगी उस दिन भगवान नारायण स्वयं दर्शन देने आएंगे l घर में माता-पिता सास-ससुर की सेवा करना ही प्रभु नारायण की सेवा है l बच्चों को संस्कारवान बनाएं संस्कार दें, घोर कलयुग में भगवान की कथा श्रवण करना ही जीवन का मूल उद्देश्य है ,कलयुग में भगवान सत्यनारायण की कथा, श्रीमद् भागवत कथा से जीवन सफल होता है जिनके मन में भगवान के प्रति भाव जागृत होते हैं वही लोग भगवान के दिव्य कार्य में पहुंच पाते हैं l जहां पर मान सम्मान नहीं हो वहां पर नहीं जाना चाहिए भगवान शिव का अपमान सती ने सहन नहीं किया सती चरित्र का गुणगान करते हुए श्रीमद् भागवत कथा में दिव्य कथा का रसपान कराया l कथा के मुख्य यजमान राजेंद्र यादव ,सोनीजी, नरेंद्र तिवारी ,संदीप यादव, लखन यादव, प्रदीप साहू ,अमृतलाल बागबान, प्रदीप यादव ,कचरू दीवान जी, नारायण लोनिया ,देवीलाल , जगदीश वर्मा ,अनिल भाटी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का पूजन किया,कथा मे पंडित कैलाश तिवारी का सम्मान किया गया । पंडित कैलाश के बारे में भी उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान की लीलाओं का गुणगान करते हुए बताया कि जहां निर्मल मन है वही प्रभु का वास है । फोटो