खातेगाव अनिल उपाध्याय जब हमारे जीवन में ब्रह्म भगवान आजाएंगे तब हम बंधन से मुक्त हो जाएंगे, भगवान को देखो हर जगह उन्हें पावो तो आप बंधन से मुक्त हो जाएंगे, जीवन में जब जब माया आती है तब तब व्यक्ति बंधन में बंध जाता है ।जब जब भगवान का हमारे जीवन मे मंगल आगमन होता है तब तब हम बंधन से मुक्त होते है । भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाएं हमें जीवन की राह दिखाती है भगवान ने बाल काल में कई लीलाएं की और अहंकारीयों का अहंकार तोड़ा । उक्त विचार श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिवस पंडित राज राजेश्वर शास्त्री ने डांग मंगला मैदान पर उपस्थित जनसमूह को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए व्यक्त किए और कहा कि मथुरा वृंदावन ब्रजभूमि में भगवान की रज रज राधे कृष्ण बसे हैं जीवन में व्यक्ति को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए मान सम्मान पद प्रतिष्ठा धन सब आते जाते रहते हैं लेकिन भगवान का भजन 84 लाख योनियों के बाद प्राप्त होता है इसलिए भगवान का नित्य भजन पूजन करना चाहिए कथा श्रवण करना चाहिए । *गिरिराज भगवान का पूजन किया श्रद्धालुओं ने* कथा परिसर के दौरान भगवान की बाल लीलाओं के साथ ही गिरिराज भगवान की मंगल कथा का भी भक्तों ने श्रवण किया श्रद्धालुओं के द्वारा कथा परिसर में गौ माता के गोबर से भगवान गिरिराज की सुंदर आकर्षक प्रतिमा सजाई गई जहां कथा के मुख्य यजमान राजेंद्र यादव, विष्णु यादव, संदीप यादव, रमेश पवार ,संदीप यादव ,प्रदीप साहू, दीनदयाल यादव, प्रदीप यादव, रामेश्वर यादव ,अशोक यादव ,अमृतलाल बागबान ,नरेंद्र तिवारी, राधेश्याम व्यास, आशा भाटी, सरोज खंडेलवाल, लखन यादव,भीम सिंह गुर्जर, अमर सिंह गुर्जर, नारायण लोनिया, मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गिरिराज भगवान एवं व्यासपीठ का पूजन कर परम पूज्य गुरुदेव राज राजेश्वर शास्त्री से आशीर्वाद लिया । *108 दीपक से महा आरती भगवान को लगा छप्पन भोग* कथा परिसर मैं भागवत पुराण एवं गिरिराज भगवान का अभिषेक पूजन के पश्चात संध्या कालीन आरती 108 दीपक से महा आरती की गई उपस्थित भक्तों श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को छप्पन भोग अर्पण किया गया कथा परिसर में उपस्थित यजमान परिवार एवं श्रद्धालुओं ने छप्पन भोग का वितरण किया । फोटो
जब जब भगवान का हमारे जीवन मे मंगल आगमन होता है तब तब हम बंधन से मुक्त होते है ... पंडित राज राजेश्वर शास्त्री 108 दीपको से हुई महाआरती, भगवान को लगा छप्पन भोग ,. भजनों पर जमकर नृत्य किया श्रद्धालुओ ने, आज होगा कथा परिसर में श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह