अनिल उपाध्याय देवास ब्यूरो पत्रकार की नजरें दूसरों से अलग देखती हैं। उसकी आँखें दूसरों से भिन्न देखती है। भिन्न देखना,समाज की पीड़ा, विषमता के लिए लड़ना चुनौतीपूर्ण होता है। ऊर्जावान पत्रकार ही तमाम बुराइयों ; करप्शन जनमानस की पीड़ा को ताकत के साथ उठा सकता है। मैंने अपने 51 वर्ष की पत्रकारिता में शहर हित व जनहित को ही प्राथमिकता दी। टिकाऊ बनो,बिकाऊ नहीं।यह बातें राऊ प्रेस क्लब द्वारा आयोजित अपने सम्मान समारोह के अवसर पर इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष, सांध्य दैनिक 6pm के समूह सम्पादक सतीश जोशी ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यक्त किए। जोशी ने कहा कि पत्रकारों को अपने नजरिए में बदलाव लाना चाहिए। खबरें बहुत है समाज में पीड़ाओं का अंबार है। बस इसे अपने देखने के तरीके में बदलाव लाना चाहिए। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने सतीश जोशी के अब तक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला ।इंदौर प्रेस क्लब को ऊंचाइयां देने में भी सतीश जोशी का अहम रोल है इंदौर में जो स्वस्थ और स्वच्छ पत्रकारिता का जो वातावरण बना है उसमे कहीं ना कहीं सतीश जोशी जैसे पत्रकारों का बड़ा योगदान है। सतीश जोशी के 51 वर्ष के पत्रकारिता जीवन पर अध्यक्षता कर रहे राऊ प्रेस क्लब के अध्यक्ष मदन सवार ने कहा कि किसी भी पत्रकार के लिए 51 वर्ष तक सतत सेवा करना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इंदौर के नवोदित पत्रकारों के लिए ऐसे अनुभवी पत्रकारों की सेवाएं लेकर कार्यशाला लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता जो पढ़ना चाहती है वही लिखा जाए। जनता की नब्ज पकड़नी आनी चाहिए। जो पत्रकार इसमें सफल होते हैं वह अखबार के नाम के साथ-साथ खुद का नाम भी रोशन करते हैं। कार्यक्रम पूर्व राज्य मंत्री दिलीप राज्यपाल के सानिध्य में हुआ। जिसमें उन्होंने कहा कि मैंने सतीश जोशी को पत्रकारिता में नए मापदंड बनाते हुए देखा है। वह एक बेहतर पत्रकार हैं। इंदौर प्रेस क्लब के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश विश्वकर्मा, कवि सत्येंद्र वर्मा, एडवोकेट धीरज दुबे, अभिमन्यु जोशी एवं विशेष अतिथि मोहनलाल शर्मा, न्यामत उल्ला खान, भीम सिंह सोलंकी आदि ने भी संबोधित किया नियामत उल्ला खान ने ओजस्वी भाषण देते हुए कहा कि पत्रकार सतीश जोशी ने जान को जोखिम में डालकर संघर्ष किया। सतीश जोशी ने यह काम बखूबी किया है। 6pm के महाप्रबंधक बल्लू चौहान ने कहा कि श्री सतीश जोशी जिस दबंगता के लिए जाने जाते हैं, वह इसी अंदाज में आज भी लगातार काम कर रहे हैं। हमारी तो आरजू है कि वह इसी तरह सौ साल तक काम करते रहें। जब तक वह चाहेंगे हम उनकी सेवा लेते रहेंगे हम उन्हें छोड़ने वाले नहीं हैं । एक अन्य वक्ता ने सुझाव दिया कि कलम के सिपाहियों को जन पोषित बनना चाहिए ना कि राज पोषित। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन राऊ प्रेस क्लब के सचिव मंजूर मंसूरी ने किया। इस अवसर पर इंदौर एवं राऊ के तमाम पत्रकार मौजूद थे जिनमें प्रमुख रूप से मंजूर मंसूरी, इमरान मंसूरी, जगदीश सेन, गौरव शर्मा , राऊ प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष सुरेश पांचाल, अनिल शर्मा, राम दांगी, सतीश दुबे, इमरान मंसूरी शेख वाजिद तथा अनेक वकील मौजूद थे। अंत में आभार हाजी खुर्शीद मंसूरी ने माना।