बालाघाट | 25-फरवरी-2017 कृषि कार्यों में मजदूरों की समस्या के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। मंहगी मजदूरी के कारण कृषि की लागत बढ़ जाती है और किसान समय पर फसल की बोआई से लेकर कटाई तक का कार्य नहीं कर पाता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए किसानों को कृषि के यंत्रीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कस्टम हायरिंग शासन के इन्ही प्रयासों का हिस्सा है। युवा किसान कस्टम हायरिंग के माध्यम से अपनी कृषि को उन्नत कृषि उपकरणों से समय पर करने के साथ ही किराये पर उपकरण देकर दूसरे किसानों के लिए मददगार बन सकते है और अपने लिए आय का अतिरिक्त जरिया पैदा कर सकते है। उप संचालक कृषि श्री आर के त्रिपाठी ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किसानों को कस्टम हायरिंग के लिए अनुदान पर उन्नत कृषि उपकरण उपलब्ध कराये जाते है। इसके लिए इच्छुक किसानों को 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2017 के बीच आनलाईन आवेदन करना होगा। पूर्व में इस योजना में 40 वर्ष तक की आयु के स्नातक किसान को ही पात्रता दी जाती थी। लेकिन कृषि विभाग ने अब 40 वर्ष तक की आयु के 12 वीं पास युवाओं को भी इसके लिए पात्र बना दिया है। कस्टम हायरिंग के लिए 40 प्रतिशत अनुदान शासन की ओर से दिया जाता है। कस्टम हायरिंग में दो प्रकार से प्रकरण तैयार किये जाते है। सामान्य कस्टम हायरिंग में 25 लाख रुपये तक के प्रकरण तैयार किये जाते है। इस योजना में लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। लागत का 40 प्रतिशत हितग्राही किसान को बैंक से ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाता है और हितग्राही को 20 प्रतिशत राशि का अंशदान करना होता है। मेगा कस्टम हायरिंग में एक करोड़ से ढ़ाई करोड़ रुपये तक के कृषि उपकरण के प्रकरण तैयार किये जाते है। इसमें भी लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम एक करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। लागत का 40 प्रतिशत हितग्राही किसान को बैंक से ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाता है और हितग्राही को 20 प्रतिशत राशि का अंशदान करना होता है। जिले के जो भी युवा किसान कस्टम हायरिंग को अपनाना चाहते है वे 01 से 30 अप्रैल 2017 की अवधि में आनलाईन आवेदन कर अपनी पसंद के उन्नत कृषि उपकरण अनुदान पर प्राप्त कर सकता है। उन्नत कृषि उपकरणों से किसान अपनी खेती समय पर करने के साथ ही किराये पर दूसरे किसानों की खेती भी समय पर करने में मददगार बनेंगें।
बालाघाट कस्टम हायरिंग युवाओं के लिए आय का जरिया