बड़वानी | 28-फरवरी-2017 संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सविता झानिया ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने 55 आवेदकों को व्यक्तिगत रूप से सुना तथा मौके पर ही हो सकने वाली समस्याओं का निराकरण कराया। जबकि मांगो से संबंधित आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर परीक्षण कराने एवं उपयुक्त पाये जाने पर उसे आगामी कार्य योजना में सम्मलित करने के भी निर्देश निर्माण एजेंसियो के पदाधिकारियो को दिये। बच्चे का करवाया जाये केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश जनसुनवाई में बड़वानी निवासी श्रीमती प्रमिला परिहार ने आवेदन देकर बताया कि उनके पति उनके साथ नही रहते है, तथा वे अपने पुत्र का पालन पोषण अकेले करती है। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नही है कि वे अपने पुत्र को अच्छी स्कूल में पढ़ा सके। अगर उनके पुत्र का केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश हो जाये तो उसका भविष्य बन सकता है। इस पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सविता झानिया ने केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य को निर्देशित किया कि वे आवेदन में उचित कार्यवाही करे। ग्राम के ट्यूबवेल पडे है बंद जनसुनवाई में ग्राम भटगवला की कुछ महिलाओ ने उपस्थित होकर सामूहिक रूप से बताया कि उनके ग्राम में दो ट्यूबवेल है, परन्तु दोनो ट्यूबवेल बंद पड़े है। उन्हे पानी लेने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। अतः उनके ग्राम के ट्यूबवेल सुधरवाये जाये। इस पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सविता झानिया ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीएचई विभाग अंजड़ के कर्मचारियो को निर्देशित किया कि वे आगामी दो दिवस में ग्राम में जाकर ट्यूबवेल का दुरस्त करवाये। बैंक ने गलत चढ़ा दिया है ऋण जनसुनवाई में ग्राम बोराली निवासी श्री चेना पिता शंकर ने आवेदन देकर बताया कि उनके नाम पर भारतीय स्टेट बैंक शाखा पलसूद में 1 लाख रुपये का ऋण बी-1 खसरे में चढ़ा दिया गया है। इस बारे में जब बैंक से जानकारी ली गई तो बैंक के अधिकारी द्वारा बताया गया कि आपने मुख्यमंत्री आवास मिशन अंतर्गत 1 लाख का ऋण लिया है, जो बी-1 पर चढ़ाया गया है। जबकि उन्होने बैंक से इस योजनान्तर्गत कोई ऋण नही लिया है। और अभी तक उन्हे इस योजना का लाभ नही मिला है। इस पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सविता झानिया ने लीड बैंक मैनेजर को प्रकरण में जांचकर निराकरण करने के निर्देश दिये। बनवाया जाये दीनदयाल अंत्योदय उपचार कार्ड जनसुनवाई में बड़वानी निवासी श्रीमती मदीना खांन ने आवेदन देकर बताया कि उनके पति श्री बाबू खांन की दोनो किडनियो में अत्यधिक स्टोन हो चुके है, वर्तमान में उनके पति का सप्ताह में दो बार डायलिसिस होता है। प्रत्येक डायलिसिस का व्यय 800 रुपये खर्च होता है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नही है कि वे अब उनके पति का आगे ओर ईलाज करा सके। अगर उनके परिवार का बीपीएल राशनकार्ड व दीनदयाल अंत्योदय उपचार कार्ड बन जाये तो वे अपने पति का ईलाज करवा सकेगी। इस पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सविता झानिया ने आवेदन को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भेजकर निराकरण के निर्देश दिये।
बड़वानी जनसुनवाई में आये 55 आवेदन