शाजापुर | 02-मार्च-2017 सभी विभागों के कार्यालय प्रमुख अधीनस्थ अमले से शौचालय की जानकारी प्राप्त करें। सभी शासकीय सेवकों, आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, कोटवारों, ग्राम पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों, शिक्षकों सहित अन्य शासकीय सेवकों के घरों में शौचालय होना अनिवार्य है शौचालय नही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। अनुशासनात्मक कार्यवाही में सेवा से पृथक करने की कार्यवाही भी शामिल रहेगी। यह बात कलेक्टर श्रीमती अलका श्रीवास्तव ने गत दिवस स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) प्रबंधन समिति की बैठक में कहीं। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित होने वाले हितग्राहियों एवं नामांतरण, बंटवारा आदि के लिए प्राप्त होने वाले आवेदकों के लिए भी उनके घरों में शौचालय होने की शर्त रखें। बैठक में जिले को 31 मार्च तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने पर विचार विमर्श हुआ। इस मौके पर जिले की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति पर चर्चा हुई। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री वीरेन्द्र सिंह रावत ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे मैदानी क्षेत्र में पदस्थ अपने अधीनस्थ अमले को ग्राम निगरानी समिति के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित करें और उनसे पृथक से प्रगति भी मांगे। इस मौके पर होमगार्ड, विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को भी सहयोग करने के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर डॉ. गिरीश मिश्रा, शाजापुर श्री राजेश यादव, सीएमएचओ डॉ. अनुसूया गवली सिंहा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरूण व्यास, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री आर.डी. शाक्य, जिला संयोजक श्री आर.पी. भद्रसेन, आपूर्ति अधिकारी श्री भतकारिया, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री श्री गौरव दुबे, जनपद पंचायत सीईओं श्री जितेन्द्र सिंह सेंगर, जिला समन्वय श्री आनन्द राघव तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
शाजापुर सभी कार्यालय प्रमुख अधीनस्थ अमले से शौचालय की जानकारी प्राप्त करें - कलेक्टर श्रीमती अलका श्रीवास्तव