सीहोर | 20-मार्च-2017 विश्व का सबसे बडा और अनूठा नदी संरक्षण अभियान नमामि देवि नर्मदे के जय घोषों के साथ जब नर्मदा सेवा यात्रा ने छीपानेर में प्रवेश किया तो ग्रामीणों ने किया उसका भव्य स्वागत। प्रदेश के मंत्रियों और अधिकारियों ने की अगवानी। अमरकंटक से आरंभ हुई नमामि देवि नर्मदा सेवा यात्रा ने देवास जिले को पार करते हुए सीहोर जिले के प्रसिद्ध नर्मदा तट छीपानेर में प्रवेश किया। यहां ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। छीपानेर के समीप ग्राम कोडिया से प्रभारी मंत्री ठाकुर रामपाल सिंह ने सिर पर कलश धारण किया वहीं सीहोर जिलाधीश डॉ. सुदाम खाडे ने ध्वज थामकर यात्रा की अगवानी की। नर्मदा यात्रा के स्वागत के लिए छीपानेर में जन सैलाब उमड पडा। यात्रा में धर्म गुरूओं के अलावा अनेक उपयात्राएं भी शामिल हुई। यात्रा का दृश्य अत्यन्त मनोरम था लोग नाचते गाते चल रहे थे। श्रद्धालुओं ने सारे नर्मदा तट को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नी छीपानेर पहुंचे यहां कलश धारण श्रीमती साधना सिंह ने किया व ध्वजा मुख्यमंत्री थाम कर यात्रा के मुख्य स्थल तक ले गए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संत कमल किशोर नागर व अनेक संत व साध्वियां रही वहीं भजन गायिका अनुराधा पोंडवाल भी उपस्थित थी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा यात्रा की आवश्यकता पर जोर डालते हुए कहा कि नर्मदा की दशा बदलने के लिए जनजागरण कर नर्मदा को स्वच्छ रखने हेतु कदम बढाना है। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा, पर्यावरण बचने की यात्रा है। मुख्यमंत्री द्वारा नर्मदा के संरक्षण व संरक्षण के लिए अनेक घोषणा की गई जिसमें एक अप्रैल से नर्मदा के ताटों के पांच किलोमीटर क्षेत्र में शराब बिक्री रोकने सहित नर्मदा के एक किलोमीटर क्षेत्र में फलदार वृक्ष निजी और सरकारी जमीनों पर सरकारी सहायता से लगाए जाएंगे। वहीं नर्मदा के प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए सीवेज सिस्टम को सुधारकर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। नर्मदा में पूजन सामग्री के विसर्जन के लिए प्रमुख घाटों पर कुंड बनाए जाएंगे और अंतिम संस्कार के लिए मुक्ति घाम बनाए जाएंगे। सभा को संबोधित करते हुए पं. कमल किशोर जी नागर ने मुख्यमंत्री जी की योजनाओं की तारीफ करते हुए बेटी बचाओ अभियान की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि जो बेटी को मारता है वह द्वापर के कंस से भी नीच है। राजा कंस ने अपने बाप तक को मरा पर कन्या को मरने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आपने शराब बंदी पर बोलते हुए कहा कि लोग कुएं में डूबते है, तालाब में डूबते है, नदियों में डूबते है पर अब लोक एक प्याली में डूब कर अपने पूरे परिवार को डूबो रहे है। इस अवसर पर मॉ नर्मदा जी की महाआरती हुई। नर्मदा जी के जीवन गाथा पर लेजर शो का आयोजन किया गया और अंत में भोपाल के ग्रुप द्वारा नर्मदा अष्टक पर बेटियों ने नृत्य करते हुए लोगों का मन मोह लिया। फिर गायिका अनुराधा पोडवाल के भजनों पर लोगों ने जमकर लुफ्त उठाया। कार्यक्रम में प्रशासन के समस्त आला अधिकारियों के अलावा पार्टी के प्रदेश, संभाग एवं जिले के पदाधिकारी, पत्रकारगण एवं भक्तगण शामिल हुए।