नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने जिले में हुई अल्प वर्षा को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को पेयजल, निस्तार व पशु पेयजल के लिए पानी को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि आने वाले समय में वर्षा की कमी को देखते हुए जल संकट का सामना भी करना पड़ सकता है। इन सबको देखते हुए आवश्यकता है कि पेयजल व निस्तार के लिए पानी को संरक्षित किया जाए पानी पर निगरानी रखी जाए। कमिश्नर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में पानी की चोरी ना होने पाए। कमिश्नर ने जल की आवश्यकता को देखते हुए 30 जून तक की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पानी के उपयोग का निर्धारण भी किया जा सकता है। बताया गया कि कई नालों व छोटी नदियों पर किए गए बोरी बंधान से पानी सुरक्षित किया गया है। बोरी बंधान से व्यर्थ का जल बहाव भी रूका हुआ है, और बंधान वाले स्थानों पर पानी आ रहा है। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को हरदा, होशंगाबाद व बैतूल जिले में स्थित सभी छोटे व बड़े पुल की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि जिन जल स्त्रोतों व पुलों पर तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी वहां सहायता की जाएगी। बताया गया कि हरदा में 13 माइनर है जिसमें से 4 माइनर में पानी का लेवल कम हो गया है। पिपरिया, सिवनीमालवा, बनखेड़ी, सोहागपुर, केसला में जल का स्तर 4 से 5 फीट नीचे चला गया है। माइनरों में 35 प्रतिशत तक ही पानी है कई में इससे नीचे पानी चला गया है। तवा में वर्तमान में 62 प्रतिशत पानी है। कमिश्नर ने कहा कि गत दिनों बैतूल व होशंगाबाद में प्रभारी मंत्रियों ने जल उपयोगिता समिति की बैठक में जो निर्देश दिए है उसका पालन किया जाए। जहां पानी को सुरक्षित रखना है वहां पानी को सुरक्षित रखा जाए। किसानों को समझाइश दी जाए कि पानी की कम उपलब्धता के चलते वे एक पानी वाली फसल का विकल्प ही चुने।
कमिश्नर ने कहा कि निर्माण कार्य करने वाले विभाग को भी विभिन्न निर्माण कार्य के लिए पानी की आवश्यकता पड़ेगी अत: सभी निर्माण विभाग भी अपनी पानी की आवश्यकता का आंकलन कर लें। कमिश्नर ने कहा कि निर्माण विभाग यदि पानी के लिए ट¬ूवेल का खनन करना चाहते है तो खनन से पूर्व कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य रूप से ले लेवें। कमिश्नर ने कहा कि पानी की चोरी ना हो इस हेतु कलेक्टर को वैधानिक कार्यवाही करने के लिए पत्र लिखा जाए।
बैठक में अतिरिक्त कमिश्नर श्री आर.के. मिश्रा, संयुक्त उपायुक्त श्री राजेन्द्र सिंह, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री राकेश अग्रवाल, प्रधानमंत्री ग्रामीण संड़क परियोजना के महाप्रबंधक श्री पितलिया, सहित सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।