उमरिया ।  पार्क प्रबन्धन ने दोपहर करीब 3 बजे मृत शावक का शव घटना स्थल वन क्षेत्र से अपने कब्जे में लिया है और ताला पहुंचकर पीएम आदि की कार्यवाही की है इस दौरान क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक,उप क्षेत्र संचालक ऋषि मिश्र,पशु चिकित्सक नितिन गुप्ता,धमोखर रेंजर वी एस श्रीवास्तव सहित पार्क के अधिकारी एवम कर्मचारी मौजूद रहे।घटना को लेकर बताया जाता है कि सुबह धमोखर रेंज के वन क्षेत्र में महावत अपने हाथी से बाघ के पदमार्क आधार पर मोनिटरिंग कर रहा था इसी दौरान विपरीत दिशा पर तेंदुवा शावक को मुंह मे दबाए अन्यत्र भागने की कोशिश कर रहा था जैसे ही तेंदुवे ने हाथी को देखा दहशत में मुंह मे दबाए बाघ शावक को वही छोड़कर वन क्षेत्र की ओर भाग गया इस बीच महावत ने सम्बन्धित वन परिक्षेत्र अधिकारी को इसकी जानकारी दी जिसके बाद एक बार फिर पार्क अमला सकते में आ गया और किसी तरह घटना स्थल पहुंचने की कोशिश की जाने लगी।वन परिक्षेत्र अधिकारी वी एस श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुवे के हमले में शावक के गले एवम मुंह मे गम्भीर चोट के निशान देखे गए है।अभी हाल में कुंवे में गिरकर वन परिक्षेत्र मगधी के मिल्ली बीट में हुई बाघिन की मौत का मामला अभी शांत भी नही हुवा था तभी तेंदुवे के हमले में 4 माह के बाघ शावक की मौत कई सवाल खड़े कर रही है इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि तेंदुवे के हमले के बाद यानी घटना के कितने घण्टे बाद बाघ शावक की मौत हुई है एवम घटना के दौरान क्या शावक के साथ उसकी बाघिन मा टी 43 नही थी और अगर थी तो क्या उसने हमले के दौरान तेंदुवे से संघर्ष नही किया और अगर किया है तो कही बाघिन टी 43 भी घायल तो नही।इस पूरे मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि घटना के बाद शावक कही जिंदा तो नही था बाद में शावक तक पहुंचने में प्रबन्धन को कई घण्टे लग गए और अत्यधिक रक्तस्राव होने से एवम समय पर उपचार न मिलने से शावक की मौत हो गयी।हालांकि यह पूरा मामला जांच का विषय है पीएम रिपोर्ट उपरांत ही मृत शावक की मौत के कारण एवम घटना के कितनी देर बाद मौत हुई इसकी जानकारी मिल सकेगी।*