प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करने वालों के लिए एक नई खबर आ रही है| अब आने वाले दिनों में प्राइवेट कर्मचारियों का PFसरकार भरेगी। दरअसल हर साल दो करोड़ नई नौकरियां देने के वादे के साथ केंद्र की सत्ता में आई मोदी सरकार फिलहाल नौकरी के मुद्दे पर अब तक कुछ खास नहीं कर पाई है जिसका विरोध विपक्षी पार्टियों से लेकर बेरोजगार युवा भी करते रहते है । लिहाजा मोदी सरकार अब नौकरियां बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लेने जा रही है।
अब मोदी सरकार प्राइवेट कंपनियों को यह ऑफर देने पर विचार कर रही है कि यदि कंपनियां स्थायी तौर पर कर्मचारियों की भर्ती करती हैं तो केन्द्र सरकार 2 साल तक उनका PF खुद भरेगी।
जैसा कि आप सभी जानते है कि प्राइवेट कंपनियों में ट्रेंड चल गया है कि वह कर्मचारियों की भर्तियां अस्थायी तौर पर करती हैं, ताकि उन्हें PF,EPF और अन्य सुविधा कर्मचारियों को न देना पड़े। कंपनियों का तर्क है कि इससे उन पर वित्तीय बोझ पड़ता है। ऐसे में अब सरकार प्राइवेट कंपनियों को 2 साल तक PF के खर्चे में राहत देने की तैयारी कर रही है। जिसका सीधा फायदा प्राइवेट कंपनियों को होगा और कर्मचारियों के लिए यह बात फायदेमंद है कि उनकी नौकरी स्थायी हो जाएगी।
अभी मार्केट में जॉब्स का बहुत बुरा हाल है या तो युवा शिक्षित नही है या फिर तकनिकी रूप से कमजोर है जिसकी वजह से युवाओं को जॉब पाने में कठिनाई होती है और सरकार इस मुद्दे पर दबाव में है। साथ ही साथ मार्केट में अस्थायी जॉब्स की जानकारी किसी के पास नही रहती, जिससे रोजगार के आंकड़े सरकार के लिए इकठ्ठा कर पाना आसान नही होता है । यही कारण है कि सरकार प्राइवेट कंपनियों को राहत देने और युवाओं को रोजगार के लिए अपने खजाने का मुंह खोलने का फैसला लेने जा रही है। सरकार अक्टूबर में राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है और उस घोषणा के साथ ही सरकार PF वाली योजना का भी ऐलान कर सकती है।