समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन की राह पर है। अन्ना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी, जिसके बाद गांधी जयंती के मौके पर राजघाट पर एक दिन का सत्याग्रह पर बैठे। अन्ना हजारे ने कहा कि 6 साल गुजर जाने के बाद भी जनलोकपाल नहीं आ सका है। मोदी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने में फेल है और जनलोकपाल व लोकायुक्त को लेकर गंभीर नहीं है। अन्ना ने कहा अगर सरकार इस दिशा में कदम नहीं उठाती तो दिसंबर या अगले साल जनवरी से फिर वे संघर्ष के लिए मैदान में उतरेंगे।
अन्ना हजारे का नरेन्द्र मोदी पर बड़ा हमला कहा नोट बंदी से लोगों को कष्ट पहुँचाया