उत्तर प्रदेश में राशन घोटाले का नया मामला सामने आया है. इस घोटाले में पहले फर्जी राशन कार्ड बनाए गए, फिर उन कार्डों से राशन का कोटा बढ़ाया गया और बंदरबांट कर ली गई. शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सूबे में हुई राशन की इस लूट का आंकड़ा 2100 करोड़ से ज्यादा का है l पिछले कुछ समय से योगी सरकार सूबे में 30 लाख से ज्यादा फर्जी कार्ड होने का दावा कर रही है l  इन कार्डों की संख्या को लेकर सीएम योगी समय-समय पर सार्वजनिक मंचों से पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं l इस घोटाले के पीछे सबसे बड़ा तथ्य ये है कि अनाज की उठान के कोटे के कार्ड की संख्या कम होते ही कम होना साफ है, इन फर्जी कार्ड के पीछे अनाज की लूट हो रही थी l बता दें कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 से देश में लागू किया गया है. यूपी में अधिनियम 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ. इस योजना के तहत गरीब लोगों को 3 किलो गेहूं 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से, 2 किलो चावल 3 रुपये प्रति किलोग्राम यानी कुल 12 रुपये में प्रति यूनिट देने का प्रावधान था l