उमरिया। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती ग्राम खेरवाखुर्द की डेन्गरहा नदी से लगातार रेत का अवैध रूप से उत्खनन जारी है! बता दें कि उक्त डेन्गरहा नदी बान्धवगढ टाईगर रिजर्व के बफरजोन मे आती है! जिससे रेत माफियाओं के लगातार खनिज के अवैध उत्खनन से बडे बडे गढढे बना दिये जाने से वन्य जीवो पर खतरा मंडरा रहा है! गौरतलब हो कि खनिज विभाग से लेकर वन विभाग के अधिकारियों को कई बार अवैध रेत उत्खनन की शिकायत की जा चुकी है लेकिन आज दिनांक तक रेत के अवैध कारोबारियों पर कोई कार्यवाही नही की गई जिससे ऐसा मालूम होता है कि रेत माफियाओं की पहुंच प्रशासनिक अमले से काफी तगडी है तभी तो प्रशासनिक अमला कार्यवाही करने की बजाय पन्गु बना हुआ है! हलाकि विभाग सिर्फ दिखावे के लिये छुटपुट कार्यवाही कर वाहवाही लूटता है लेकिन बड़ी कार्यवाही करने से कतरा रहा है! विभागीय अमले की खुली छूट की वजह से रेत माफियाओं और उनके गुर्गो के हौसले इतने बुलन्द हैं कि समाचार का कवरेज करने वाले पत्रकारों और ग्रामीणो तक को शिकायत करने पर जान से मारने की धमकिया दी जाती है! जबकि एक तरफ सरकार पत्रकारों की सुरक्षा की बात करते हुए उन्हे चौथे स्तंभ का राग अलाप रही है वहीं दूसरी ओर पत्रकारों के सुरक्षा का उन्हे तनिक भी ध्यान नही है!वही खनिज के अवैध कारोबार से जुडे माफियाओं के खुद इतने विभागीय विभीषण हैं कि कार्यवाही होने से पहले ही इन अवैध कारोबारियो को चौकन्ना कर देते है इसके बदले उन विभीषणो को एक निश्चित राशि प्रति महीने दिये जाने की जनचर्चा आम है! सूत्रो पर भरोसा करें तो रेत के अवैध उत्खनन मे गाँव के कुछ दबन्गो ने भी तयशुदा राशि पर सब कुछ सम्भालने का ठेका ले रखा है जिससे कभी भी इस क्षेत्र मे अप्रिय वारदात होने का अन्देशा बना रहता है! देखना होगा कि वन एवं खनिज विभाग कब कुम्भकर्णी नींद से जागकर कार्यवाही करता है! ✍राजेंद्र प्रसाद मिश्रा क्राइम रिपोर्टर टीवी न्यूज उमरिया (म.प्र.)