*बड़वानी( नरेन्द्र गुप्ता)*। ई-फार्मेसी को बंद करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय आव्हान पर मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा की जा रही हड़ताल को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत जिला बड़वानी ने उपभोक्ता हितों के विरुद्ध बताया है। संगठन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा ई-फार्मेसी को वैधानिक अनुमति प्रदान की गई है तथा इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे सस्ती, प्रमाणिक एवं सुविधाजनक दवाइयां प्राप्त हो रही हैं। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत जिला बड़वानी के अध्यक्ष बालकृष्ण सोनगरा, जिला मंत्री यशवंत सुल्ताने एवं सदस्य राजेश राठौड़ द्वारा जारी संयुक्त समाचार में कहा गया कि वर्तमान व्यवस्था में अनेक स्थानों पर चिकित्सकों, दवाई कंपनियों एवं चिकित्सा दुकानदारों की मिलीभगत से कमीशनखोरी को बढ़ावा मिल रहा है। इसी कारण कई दवाइयों पर मनमाना अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) मुद्रित कर उपभोक्ताओं से अत्यधिक राशि वसूली जा रही है, जिससे आम नागरिक आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। संगठन ने कहा कि ई-फार्मेसी व्यवस्था के आने से दवाइयों के मूल्य में पारदर्शिता बढ़ी है तथा उपभोक्ताओं को विभिन्न विकल्पों के माध्यम से उचित मूल्य पर दवाइयां उपलब्ध हो पा रही हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, गंभीर रोगियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घर बैठे दवा उपलब्ध होने से राहत मिली है। ग्राहक पंचायत ने कहा कि किसी भी प्रकार के व्यापारिक विवाद का समाधान आम उपभोक्ताओं को परेशान कर नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने शासन एवं संबंधित पक्षों से मांग की है कि उपभोक्ता हितों की रक्षा सुनिश्चित करते हुए दवा वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा जाए तथा दवाइयों की कीमतों में पारदर्शिता लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

 
 
    IndiaTezNEWS24
    District: Hoshangabad
    State: Madhya Pradesh

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